- मातारानी का शैलपुत्री स्वरूप में भक्तों ने किया दर्शन पूजन
- मातारानी के जयकारों से वातावरण हुआ भक्तिमय
Chaukiyan Dham, Jaunpur: मां शीतला चौकियां धाम में वासंतिक नवरात्र के प्रथम दिन घट स्थापना के बाद मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना की गई। शैल का अर्थ होता है हिमालय और पर्वतराज हिमालय के यहां जन्म लेने के कारण माता पार्वती को शैलपुत्री भी कहा जाता है। पार्वती के रूप में इन्हें भगवान शंकर की पत्नी के रूप में भी जाना जाता है। वृषभ (बैल) इनका वाहन होने के कारण इन्हें वृषभारूढ़ा के नाम से भी जाना जाता है।
मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक विधि-विधान के साथ मां दुर्गा के इस स्वरूप की पूजा उपासना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और कष्टों से मुक्ति मिलती है। इनकी आराधना करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
शीतला चौकियां धाम में प्रातःकाल 4 बजे मन्दिर के कपाट खुलने के पश्चात माता रानी का भव्य श्रृंगार कर मन्दिर महंत विवेकानंद ने आरती पूजन किया। मन्दिर खुलने के पूर्व ब्रम्ह मुहूर्त से ही माता रानी के दर्शन के लिये भक्तों की लम्बी कतार लगी रही। दुर्गा सप्तशती पाठ, वैदिक मंत्रोच्चारण, माता रानी के जयकारों एवं घण्टों की गूंज से सारा वातावरण मनमोहक व भक्तिमय हो गया। कतार में खड़े दर्शनार्थी बारी-बारी से दर्शन-पूजन करते हुए नजर आये।
वहीं पूर्वांचल के कोने-कोने से आये श्रद्धालु मुंडन संस्कार, कढ़ाही, पूजन आदि करके परिवार समेत मां के चरणों में मत्था टेकते हुए सुख, शान्ति, समृद्धि, धन, यश, वैभव की कामना किये। नवरात्रि का प्रथम दिन होने के कारण व्रती महिलाओं ने अपने-अपने घर में विधि विधान से शुभ मुहूर्त में कलश स्थापित कर दुर्गा सप्तशती पाठ कर आरती पूजन की।
धाम में दूर-दराज से आने वाले भक्तों का तांता लगा रहा। वहीं दर्शन-पूजन करने के पश्चात दर्शनार्थी पवित्र कुण्ड के बगल में स्थित बाबा कालभैरव नाथ एवं मां काली मंदिर में मातारानी का दर्शन पूजन करते हुए नजर आए। सुरक्षा की दृष्टि से मन्दिर परिसर में चौकियां चौकी प्रभारी ईश चन्द्र यादव अपने सहयोगी, पुलिस, पीएसी बल के साथ उपस्थित रहे।
Reported by: Bipin Saini